आज भारत के सामने पूरा विश्व झुका रहा है कैसे?
हेलो दोस्तों तो कैसे हैं आप उम्मीद करता हूं बढ़िया होंगे फिट होंगे होंगे स्वस्थ होंगे और भगवान ऐसे ही आपके परिवार और आप पर कृपा बनाए रखें तो आज का मुद्दा हमारा यह है कि कैसे भारत के सामने पूरा विश्व झुक चुका है।
कैसे भारत के सामने आज पूरा विश्व झुक गया है।
हेलो अंड वेलकम टू माय एंटरटेनमेंट ब्लॉक दोस्तों में गौरव अरोड़ा आज आपके सामने बात करने जा रहा हूं कि कैसे कोरोना वायरस की वजह से पूरा विश्व भारत के सामने झुक पड़ा।
दोस्तों बात करते हैं सबसे पहले खबर की दुनियाभर मैं कहर मचाने वाला कोरोना वायरस से केंद्रित रहा ।
चीन का वुहान शहर द्वार को कोरोना वायरस से आजाद हो गया है।
पिछले 76 दिन से चल रहे लंबे लॉकडाउन आज खत्म हो गया है।
चीन का वुहान शहर द्वार को कोरोना वायरस से आजाद हो गया है।
पिछले 76 दिन से चल रहे लंबे लॉकडाउन आज खत्म हो गया है।
करीब 2 महीने से चल रही महामारी आज के दिन खत्म हो गई है । लोग शहर की दहलीज पार करेंगे। और बाहर आ सकेंगे।
23 जनवरी पिछले साल यही से कोरोना वायरस की महामारी की शुरुआत हुई थी। जिनका असर दुनिया को देखने को मिला रहा है।
23 जनवरी पिछले साल यही से कोरोना वायरस की महामारी की शुरुआत हुई थी। जिनका असर दुनिया को देखने को मिला रहा है।
करीब ढाई महीने अपने घर के अंदर कैदी की तरह रहे लोग वहां निकलेंगे और
लॉकड़ाउन रहा यू विल शहर पर खेला जाएगा आज से लॉन्ग गाउन खत्म से
ट्रेन की सेवा शुरू हो जाएंगी ट्रेन लोगों को लेकर जाएंगे।
एरोप्लेन उड़ान भरेंगे ताकि लोग अपने शहर के बाहर जा सके ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक लॉकडाउनि के बाद ज्यादा लोग फंसे थे जिनमें डिलीवरी ब्वॉय ऑफिस कर्मचारी डॉक्टर शामिल थे यह सभी अपने काम पर लौट सकते हैं।
लॉकड़ाउन रहा यू विल शहर पर खेला जाएगा आज से लॉन्ग गाउन खत्म से
ट्रेन की सेवा शुरू हो जाएंगी ट्रेन लोगों को लेकर जाएंगे।
एरोप्लेन उड़ान भरेंगे ताकि लोग अपने शहर के बाहर जा सके ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक लॉकडाउनि के बाद ज्यादा लोग फंसे थे जिनमें डिलीवरी ब्वॉय ऑफिस कर्मचारी डॉक्टर शामिल थे यह सभी अपने काम पर लौट सकते हैं।
दूसरी खबर
अगर बात करें बीते कल की तो अमेरिका जैसे देश भारत को हथियार बेचना चाहता था।
जेड बेचना चाहता था एयर डिफेंस सिस्टम भी बेचना चाहता था और सभी बेच रहे हैं। यह देश भारत को बम बंदूक हथियार भेजते हैं
लेकिन भारत के सामने एक दवा की भीख मांग रहे हैं ।
यह लोग वह हैं जो पूरे देश में हथियार और बंदूकों के सौदागर बनते हैं जिन दुनिया को यह सिखाया है कि हथियार को खरीदो और दुश्मन को गोली मार दो । लेकिन
यह गोली बदल गई है गोली एक वायरस की है। जो इस कोरोना वायर से जंग जीतने में मदद करेगी और यह गोली सिर्फ भारत के पास है।
यह गोली सबके काम आ रही है और दूसरे और कोई गोली काम नहीं आ रही है ।
अब बंदूकें गोली कितनी भेज दो लेकिन यह सारी बंदूकें और बोली इसके सामने बेकार हैं ।
सिर्फ Hydroxychloroquine नाम की छोटी सी गोली जो सारी दुनिया इसके पीछे पड़ी है। भारत से मांग रही है ताकि इस कोरोना से जीत जाए। कोरोना वायरस पूरे बाजार को बदल दिया है।
और भारत को महा शक्ति बना दिया है। और कोरोना की वजह से बंदूक वाली गोलियों से सफर दवाई खाने वाली गोलियों करा दिया है।
आप किसी को बम मिसाइल राकेट, विमान नहीं चाहिए। दवा की बस छोटी सी गोली चाहिए जो भारत के पास है ये नए जमाने में भारत की शक्ति है।
यह दवा की गोली Hydroxychloroquine जो कोरोना से इलाज में काम आता है।
करीब 30 देश भारत के सामने लाइन लगा के खड़े हैं।
इन देशों में सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका भी है। अमेरिका ने भारत को धमकी दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत को धमकी देना स्टार्ट कर दिया है। जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर भारत में Hydroxychloroquine दवा पर प्रतिबंध नहीं हटाया तो क्या करेंगे।
तो सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अगर भारत दवा की सप्लाई नहीं करता है तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। एकाएक इस तरह की धमकी दे दी।
डॉनल्ड ट्रंप को कभी को खुद नहीं पता होता है कि वह क्या कह रहे हैं।
रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बीच फोन पर बातचीत की कैसे कोरोना वायरस को दोनों देश के खिलाफ कैसे लड़ेगा। डोनाल्ड ट्रंप इस दौरान कहां की
Hydroxychloroquine की सप्लाई करें और आप सब जानते हैं कि भारत इस दवा पर प्रतिबंध लगा रखा था।।
इसलिए भारत दूसरे देशों को दवा नहीं भेज रहा था क्योंकि भारत ने इस पर प्रतिबंध लगाया था।
जब ट्रंप ने ऐसी धमकी दी तो भारत ने प्रतिबंध हटा दिया।
अब हमारे देश के कुछ लोग यह कह रहे हैं कि ट्रंप की धमकी से भारत डर गया। कोई Hydroxychloroquine दवाई पर अब भारत में छूट दी है।
भारत ने यह छूट डोनाल्ड ट्रम की धमकी से दिया है। यकीनन हमने अमेरिका के दबाव में आकर इसलिए हमने छोड़ दी है।
लेकिन सच यह है भारत दवाई की सप्लाई अमेरिका को सोमवार को ही दे चुका था।
शनिवार को देश के अलग-अलग देशों ने भारत से रिक्वेस्ट की है। भारत से रिक्वेस्ट की थी अगर यह दवा उन लोगों को दे दो कम से कम 30 ऐसे देशों ने अप्रोच किया। लेकिन लेकिन लेकिन अमेरिका वाले तेवर लोगों को अच्छे नहीं लगे।
धमकी के बाद भारत दवा में आ गया है लेकिन आप आपको बता दें कि अमेरिका की धमकी से पहले भारत दवाइयों की सप्लाई कर चुका था।
पहले इस बात पर चर्चा होती थी कि भारत कहां से हथियार खरीदेगा और कहां से लड़ाकू विमान खरीदेगा। पहले लेकिन आज इस बात पर चर्चा हो रही है कि कि भारत गोली किस को बेच रहा है और जब चीन हथियार देता था तो लोग परेशान हो जाते थे खरीदना बेचना चाहते किसी के पास शक्ति नहीं है हथियार बेचने की।
सब लोग दवा ही बेचना चाहते हैं या अपने मेडिकल इकिमेंट Hydroxychloroquine और पेरासिटामोल तभी दूसरे देशों को देगा ।
जब वह पहले अपने देश की जरूरतें देखेगा फिर पड़ोसी देश को दी जाएगी। इसके बाद उस देश की मदद जो सबसे ज्यादा इस चीज से पीड़ित है।
भारत दवाई की महाशक्ति बन चुका है। जो Hydroxychloroquine दुनिया भारत से मांग रही है।
उसके उत्पादन में भारत पूरी दुनिया में नंबर वन है। भारत 1 साल में दवा का उत्पादन सौ टर्न दवाई आराम से बना सकता है।
कोरोना में एक मरीज के लिए औषध 14 गोलियों की जरूरत पड़ती है।
भारत पर 1 महीने में इस दवाई का उत्पादन 21 करोड़ टैबलेट बनाता है।
लास्ट में यही कहना चाहूंगा घर पर रही है सेव घर आज बार-बार दीजिए और घर के बाहर ना जाइए अगर जरूरत ना हो और घर पर ही रहिए।
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धन्यवाद मेरे आर्टिकल को पढ़ने के लिए।
जय हिंद जय भारत।
जेड बेचना चाहता था एयर डिफेंस सिस्टम भी बेचना चाहता था और सभी बेच रहे हैं। यह देश भारत को बम बंदूक हथियार भेजते हैं
लेकिन भारत के सामने एक दवा की भीख मांग रहे हैं ।
यह लोग वह हैं जो पूरे देश में हथियार और बंदूकों के सौदागर बनते हैं जिन दुनिया को यह सिखाया है कि हथियार को खरीदो और दुश्मन को गोली मार दो । लेकिन
यह गोली बदल गई है गोली एक वायरस की है। जो इस कोरोना वायर से जंग जीतने में मदद करेगी और यह गोली सिर्फ भारत के पास है।
यह गोली सबके काम आ रही है और दूसरे और कोई गोली काम नहीं आ रही है ।
अब बंदूकें गोली कितनी भेज दो लेकिन यह सारी बंदूकें और बोली इसके सामने बेकार हैं ।
सिर्फ Hydroxychloroquine नाम की छोटी सी गोली जो सारी दुनिया इसके पीछे पड़ी है। भारत से मांग रही है ताकि इस कोरोना से जीत जाए। कोरोना वायरस पूरे बाजार को बदल दिया है।
और भारत को महा शक्ति बना दिया है। और कोरोना की वजह से बंदूक वाली गोलियों से सफर दवाई खाने वाली गोलियों करा दिया है।
आप किसी को बम मिसाइल राकेट, विमान नहीं चाहिए। दवा की बस छोटी सी गोली चाहिए जो भारत के पास है ये नए जमाने में भारत की शक्ति है।
यह दवा की गोली Hydroxychloroquine जो कोरोना से इलाज में काम आता है।
करीब 30 देश भारत के सामने लाइन लगा के खड़े हैं।
इन देशों में सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका भी है। अमेरिका ने भारत को धमकी दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत को धमकी देना स्टार्ट कर दिया है। जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर भारत में Hydroxychloroquine दवा पर प्रतिबंध नहीं हटाया तो क्या करेंगे।
तो सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अगर भारत दवा की सप्लाई नहीं करता है तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। एकाएक इस तरह की धमकी दे दी।
डॉनल्ड ट्रंप को कभी को खुद नहीं पता होता है कि वह क्या कह रहे हैं।
रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बीच फोन पर बातचीत की कैसे कोरोना वायरस को दोनों देश के खिलाफ कैसे लड़ेगा। डोनाल्ड ट्रंप इस दौरान कहां की
Hydroxychloroquine की सप्लाई करें और आप सब जानते हैं कि भारत इस दवा पर प्रतिबंध लगा रखा था।।
इसलिए भारत दूसरे देशों को दवा नहीं भेज रहा था क्योंकि भारत ने इस पर प्रतिबंध लगाया था।
जब ट्रंप ने ऐसी धमकी दी तो भारत ने प्रतिबंध हटा दिया।
अब हमारे देश के कुछ लोग यह कह रहे हैं कि ट्रंप की धमकी से भारत डर गया। कोई Hydroxychloroquine दवाई पर अब भारत में छूट दी है।
भारत ने यह छूट डोनाल्ड ट्रम की धमकी से दिया है। यकीनन हमने अमेरिका के दबाव में आकर इसलिए हमने छोड़ दी है।
लेकिन सच यह है भारत दवाई की सप्लाई अमेरिका को सोमवार को ही दे चुका था।
शनिवार को देश के अलग-अलग देशों ने भारत से रिक्वेस्ट की है। भारत से रिक्वेस्ट की थी अगर यह दवा उन लोगों को दे दो कम से कम 30 ऐसे देशों ने अप्रोच किया। लेकिन लेकिन लेकिन अमेरिका वाले तेवर लोगों को अच्छे नहीं लगे।
धमकी के बाद भारत दवा में आ गया है लेकिन आप आपको बता दें कि अमेरिका की धमकी से पहले भारत दवाइयों की सप्लाई कर चुका था।
पहले इस बात पर चर्चा होती थी कि भारत कहां से हथियार खरीदेगा और कहां से लड़ाकू विमान खरीदेगा। पहले लेकिन आज इस बात पर चर्चा हो रही है कि कि भारत गोली किस को बेच रहा है और जब चीन हथियार देता था तो लोग परेशान हो जाते थे खरीदना बेचना चाहते किसी के पास शक्ति नहीं है हथियार बेचने की।
सब लोग दवा ही बेचना चाहते हैं या अपने मेडिकल इकिमेंट Hydroxychloroquine और पेरासिटामोल तभी दूसरे देशों को देगा ।
जब वह पहले अपने देश की जरूरतें देखेगा फिर पड़ोसी देश को दी जाएगी। इसके बाद उस देश की मदद जो सबसे ज्यादा इस चीज से पीड़ित है।
भारत दवाई की महाशक्ति बन चुका है। जो Hydroxychloroquine दुनिया भारत से मांग रही है।
उसके उत्पादन में भारत पूरी दुनिया में नंबर वन है। भारत 1 साल में दवा का उत्पादन सौ टर्न दवाई आराम से बना सकता है।
कोरोना में एक मरीज के लिए औषध 14 गोलियों की जरूरत पड़ती है।
भारत पर 1 महीने में इस दवाई का उत्पादन 21 करोड़ टैबलेट बनाता है।
लास्ट में यही कहना चाहूंगा घर पर रही है सेव घर आज बार-बार दीजिए और घर के बाहर ना जाइए अगर जरूरत ना हो और घर पर ही रहिए।
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धन्यवाद मेरे आर्टिकल को पढ़ने के लिए।
जय हिंद जय भारत।








































Wonderful topic sir
ReplyDeleteThank you sir
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