Ban Chinese product बेन चाइनीज प्रोडक्ट

                              # बैंन चाइनीस प्रोडक्ट


आज जहां पूरे देश में कोरोने की मार हर जगह त्राहि-त्राहि मच गई है। इस बीच चीन लाखों और करोड़ों में नोट छाप रहा है।
चीन के कई ऐप भारत में इस्तेमाल होते हैं जैसे जून ,टिक टॉक ,कैमस्कैनर ,यूसी ब्राउजर ,हेलो शेयर इट।

जिसने हमारे भारत के नागरिक खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस चीनियों को खूब फायदा हो रहा है। लेकिन हम भारत के लोग एक चीज बड़ीीी खराब है। कि इस बीच जब यू-ट्यूब और टिक टॉक की लड़ाई चल रही थी तो यह लड़ाई और ज्यादा तब बढ़ी जब कैरी मी नाटी की वीडियो डिलीट हो गई।  तो  लोगों ने टिक टॉक को अनइनस्टॉल और उसकी रेटिंग 1.2 तक कर दी थी।

लेकिन इस चाइनीस अपने हमारे यूथ को बर्बाद और एडिक्ट बना दिया है।लेकिन उसके बाद अचानक से टिक टॉक फिर से रेटिंग 4.5 हो गई। तो हम लोग यह चाइनीस ऐप पर निर्भर हो गए हैं।
टिक टॉक पर वीडियो देखी जाती है। वह पूरी अश्लीलता से भरा होता है और ज्यादातर वीडियो अश्लील और गंदी होती हैं जो हमारे यूथ और बच्चों को बर्बाद कर रही है।
टिक टॉक पर रेप को बढ़ावा और एसिड अटैक को भी बढ़ाने का प्रोत्साहन किया गया है।

हम इस टिक टॉक के बदले भारत का मल्ट्रों  ऐप यूज कर सकते है। टिक टॉक के चलते कितने लोगों ने अपनी जान भी गवा दी। रोज अखबारों में खबर है आती है कि इस राज्य में इस लड़के या लड़की न्यू टिक टॉक बनाने के कारण अपनी जान गवाई । दुख होता है कि लोगों ने एक टिप टॉप के कारण अपनी जान गवा दे रहे हैं।


टिक टॉक पर जब हमारे सेलिब्रिटी तक आ गए। जो खुद टिक टॉक पर वीडियो बना रहे हैं तो सोचिए जब एक नामी एक्टर को टिक टॉक में वीडियो बना रहा है ।उसे देख कर उसके फैन भी टिकटोक पे वीडियो बना रहे हैं तो हम कैसे टिक टॉक को अपने देश से हटा सकते हैं।
टिक टॉक हमारे लीगल प्राइवेसी डाटा को भी ले लेता है और हमें एहसास भी नहीं होता है।

आपको याद होगा कि 2010 से 2014 तक माइक्रोमैक्स का बहुत बड़ा क्रेज था हर युग के पास माइक्रोमैक्स का फोन हुआ करता था लेकिन जब से एमआई ओप्पो विवो आया उसने पूरा मार्केट ही बदल दिया जिसके कारण इन चाइना कंपनियों ने भारत के प्रोडक्ट माइक्रोमैक्स को पूरी तरह से ही बाजार से हटा दिया।

आज भी हम जब कोई भी फोन लेने जाते हैं तो दुकानदार हमें इंडियन कंपनी का फोन ना दिखाकर ओप्पो या चाइनीस कंपनी का फोन दिखाता है ।क्योंकि हमारा इंडियन फोन चाइनीस फोन के मुकाबले नहीं होता है। जिस कारण इंडियन फोन की वैल्यू अभी भी मार्केट में बहुत ही कम है ।
वहीं अगर हम बात करें चाइनीस मार्केट की तो वहां ज्यादातर प्रोडक्ट चाइना के ही दिखते हैं और भारत के प्रोडक्ट देखना बहुत ही मुश्किल है।



मोदी जी ने लॉक डाउन के चौथे चरण के बाद एक मीटिंग बुलाई जिसमें उन्होंने कहा कि आत्म निर्भर रहने की बात कही थी उनका कहना है कि स्वदेशी अपनाएं और विदेशी भगाओ लेकिन आज के टाइम पर ऐसा नहीं है अगर एक साबुन स्वदेशी साबुन आपको ₹20 में मिल रहा है । और वही विदेशी साबुन आपको ₹10 मिल रहा है तो हमारे भारत के निवासी ज्यादातर ₹10 वाले विदेशी साबुन को ही चुनेंगे क्योंकि यहां देशभक्ति से पहले प्राइस देखा जाता है।

मोदी जी अपने भाषण में यह संदेश दिया कि अपने स्वदेशी सामान की क्वालिटी इतनी बढ़िया करो कि वह विदेशी सामान को टक्कर दे यही रास्ता है जिससे हम विदेशी कंपनियों को भारत से भगा सकते हैं।


अगर हम दिवाली और होली में चीन के प्रोडक्ट इस्तेमाल ना करें तो हम अपनी अर्थव्यवस्था को बहुत बढ़िया कर सकते हैं।
मैं मानता हूं कि चीन प्रोडक्ट सस्ते हैं और भारत का प्रोडक्ट बहुत महंगा है लेकिन अगर आज हम इन चीन का सामान जितना खरीदते हैं तो यह याद रखिए कि हमारे पैसे से ही हमारे प्यारे जवान देश में शहीद होते हैं क्योंकि वही पैसा चीन अपने जंग के लिए इस्तेमाल कर है।

अगर आपको मेरा यह ब्लॉग अच्छा लगे तो शेयर करें कमेंट करें
धन्यवाद।
 जय हिंद जय भारत।

Comments

Popular posts from this blog

iQOO Z10x 5G Review: A Budget Beast with Power, Performance & Durability

मोदी जी के सामने यह 5 संकट ,नहीं समझे तो करोना होगा घातक

Nothing Phone (2a) – A Breath of Fresh Air in the Mid-Range Segment